Yoga is a life discipline

योग एक फिलोसोफी है. योग का मतलब बड़ा सामान्य सा है कि जमा करना. यहाँ जमा करने का मतलब है कि खुद को खुद में मिला देना. परन्तु इसके लिए पहले खुद को जानना होगा

Yoga is a meditation

पतंजलि योग सूत्र के अनुसार चित की वृतियों को निरोध जो कराता है वो योग है. महर्षि पतंजलि ने जो अष्टांग योग का मार्ग बताया उसमे दुनियां के सारे के सारे योग समा जाते है. ध्यान की विधि चाहे कोई भी हो परन्तु वो चलेगी पतंजलि अष्टांग योग के अंतर्गत ही

पहले जान ले कि करना क्या है?

योग की, ध्यान की भी बहुत सी विधियाँ है. परन्तु हर विधि हर व्यक्ति के लिए नहीं है. इसलिए हमें जल्दी से रिजल्ट्स नहीं मिलते क्यूंकि हमारी ध्यान विधि हमारे मुताबिक नहीं होती. अगर विधि सही होगी तो बहुत ही जल्द योग करने के रेसुल्स्त आने लगेगे

आंसू ….

 

इंसान तब रोता है जब कोई रास्ता नहीं बचता, मतलब कि सभी लौकिक रास्ते बंद हो जाते है. मन के पास कुछ जवाब नहीं होता और मन चुप हो जाता है. मन के चुप होते ही कोन्नेक्ट्विटी होती है, आनंद बहने लगता है. बहुत खुश होने के पीछे भी येही राज है. मन का चुप होना, वेदांत कहता है आनंद का बहना संभव ही तभी हो सकता है जब यदि मन चुप हो जाये तो.

आंसुओ के बाद सुख नहीं मिलता आनंद मिलता है. सुख इन्द्रियजनित होता है और आनंद इन्द्रियातीत होता है. रामकृष्ण परमहंस जी के बारे में तो आपने सुना ही होगा, स्वामी विवेकानंद के गुरु, माँ काली के भक्त, कहते है वे घंटो माँ काली के सामने रो रहे होते थे. पर वो रोना भी इन्द्रियातीत था. आनंद बहता होगा अपार आनंद.

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https://www.youtube.com/watch?v=YKWojjsZm8g

 

Learn breathing in right way through yoga

मैडिटेशन या फिर ध्यान क्यो जरुरी है? क्यो करे हम ध्यान? इससे हमें फायदा क्या होगा? क्यूंकि हम तो पहले से ही अपनी जॉब में या फिर बिज़नस में या फिर घर पर व्यस्त है फिर यह मैडिटेशन क्यूँ  करे?

सारा का सारा खेल चेतना का है, Awareness का है. सबसे अनोखी बात कि आपका होना या फिर मेरा होना इसलिए ही है कि आप या फिर मैं इस बात को लेकर Awared है कि “मैं हूँ” अगर इस बात की अवेयरनेस न हो कि “मैं हूँ” तो हमारा होना ही समाप्त हो जायेगा. यह बड़े ही कमाल की बात है परन्तु है सच.

अब बात यह है कि हम सब अपनी अपनी लाइफ में अवेयरनेस का प्रयोग करके ही जीवन जीते है. इस वक़्त आप यह आर्टिकल पढ़ रहे है तो कुछ अवेयरनेस आपकी इस आर्टिकल पर है और कुछ अन्य विचारो पर. अब जितना ज्यादा आप इस आर्टिकल पर अपनी अवेयरनेस रखेगे तो उतना ज्यादा इस आर्टिकल को समझ पायेगे.

 

जीवन में भी ऐसा ही हो रहा है. जितनी ज्यादा अवेयरनेस उतनी ज्यादा ही समझ और उतना ज्यादा ही अच्छा जीवन.

अब बात आती है कि ऐसा क्या किया जाये कि हमारी अवेयरनेस का विस्तार हों शुरू हो जाये. जवाब है ध्यान, ध्यान और केवल ध्यान. मैंने उस पर बहुत सारे प्रयोग किये है और कर भी रहा हूँ. मैं आपको अपने खुद के ऊपर किये गए प्रयोगों से दावे के साथ यह कह सकता हूँ ध्यान चेतना का स्तर बढ़ा सकता है. ध्यान आपकी पर्सनालिटी को निखार सकता है.

 

 

 

Why Meditation